रांची
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया और इस दौरान फर्नीचर, खिड़की एवं दरवाजों की जर्जर स्थिति देख नाराज हुईं। इन्हें शीघ्र मरम्मत कराने को कहा। साथ ही मंत्री ने कहा, शिक्षा के क्षेत्र को पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले हमें केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी ध्यान में रखना चाहिए। तिर्की ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा समाज के सभी वर्गों की सक्रिय और सजग भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। नई पीढ़ी के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक स्थिति और अध्ययन की गुणवत्ता पर सभी को मिलकर निरंतर ध्यान देना होगा।

सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक और ठोस सुधार के लिए प्रतिबद्ध
मांडर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लापुंग प्रखण्ड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक, उत्क्रमित मध्य एवं उच्च विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा न केवल उनकी व्यक्तिगत प्राथमिकता है, बल्कि झारखंड सरकार की भी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कार्यरत सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक और ठोस सुधार के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सके।
निरीक्षण के क्रम में तिर्की ने विद्यालयों में अध्ययन व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विद्यालय परिसरों में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। कई विद्यालयों में फर्नीचर, खिड़की एवं दरवाजों की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र मरम्मत कराने को कहा।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की
उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की, स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों को उपलब्ध सुविधाओं में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तिर्की ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को निर्देश दिया कि किसी भी आवश्यकता या समस्या की स्थिति में वे तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं भी सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और उन्हें विश्वास है कि दिए गए निर्देशों के अनुपालन से विद्यालयों की स्थिति में शीघ्र ही सकारात्मक और ठोस सुधार देखने को मिलेगा।
